भारत में डिजिटल टेक्नोलॉजी का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। डिजिटल इंडिया मिशन (2015 से) के कारण देश तेजी से डिजिटल हो रहा है। 2025 में डिजिटल इकोनॉमी $1 ट्रिलियन तक पहुंच चुकी है और 2030 तक यह GDP का 20% योगदान देगी (लगभग $900 बिलियन अतिरिक्त वैल्यू)। PIB और ICRIER रिपोर्ट्स के अनुसार, डिजिटल सेक्टर सामान्य इकोनॉमी से दोगुनी तेजी से बढ़ रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डिजिटल इकोनॉमी बन चुका है।
मुख्य ट्रेंड्स और विकास क्षेत्र
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): AI भारत की ग्रोथ का बड़ा ड्राइवर बनेगा। IndiaAI मिशन से 34,000+ GPUs उपलब्ध हैं। AI मार्केट 2025 में $7-8 बिलियन और 2030 तक कई गुना बढ़ेगा। जेनरेटिव AI (ChatGPT जैसे) से नई जॉब्स और इनोवेशन।
- 5G और कनेक्टिविटी: 2025 तक 4.7 लाख+ 5G टावर लग चुके हैं, 99.6% डिस्ट्रिक्ट्स कवर। 2030 तक FWA (फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस) 21 मिलियन कनेक्शन। इंटरनेट स्पीड और रूरल कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
- क्लाउड और डेटा सेंटर्स: क्लाउड एडॉप्शन तेज, नए डेटा सेंटर्स से AI सपोर्ट।
- ग्रीन और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी: रिन्यूएबल एनर्जी, EV और क्लाइमेट सॉल्यूशंस में डिजिटल का रोल।
- ई-गवर्नेंस और फाइनेंशियल इंक्लूजन: UPI, ONDC, GeM से डिजिटल पेमेंट्स और सर्विसेज बढ़ रही हैं।
- स्किल डेवलपमेंट: 2030 तक 63% वर्कर्स को रीस्किलिंग चाहिए। AI, साइबर सिक्योरिटी में जॉब्स बढ़ेंगी।
चुनौतियां
- डिजिटल डिवाइड: रूरल vs अर्बन गैप।
- साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी।
- स्किल गैप: ट्रेनिंग की जरूरत।
निष्कर्ष
भारत में डिजिटल टेक्नोलॉजी का भविष्य AI, 5G और डिजिटल इकोनॉमी पर आधारित है। 2030 तक भारत ग्लोबल डिजिटल लीडर बनेगा, नए जॉब्स और इनोवेशन से। सरकार की IndiaAI और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं इसे सपोर्ट कर रही हैं। युवाओं के लिए स्किल्स सीखना जरूरी है!

