मेरिट लिस्ट (Merit List) किसी परीक्षा, एडमिशन या भर्ती में कैंडिडेट्स की रैंकिंग की सूची होती है, जो उनके परफॉर्मेंस के आधार पर बनाई जाती है। यह शिक्षा (कॉलेज एडमिशन, स्कॉलरशिप) और सरकारी नौकरियों (SSC, UPSC, Railway, State PSC) दोनों में इस्तेमाल होती है। मेरिट लिस्ट पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और बेस्ट कैंडिडेट्स का सिलेक्शन करती है। प्रक्रिया संस्था/बोर्ड के नियमों पर निर्भर करती है, लेकिन बेसिक स्टेप्स एक जैसे होते हैं।
मेरिट लिस्ट तैयार करने की सामान्य प्रक्रिया
- परीक्षा/मार्क्स का संग्रह: लिखित परीक्षा, एंट्रेंस टेस्ट (जैसे JEE, NEET, SSC) या 10वीं/12वीं के मार्क्स लिए जाते हैं।
- स्कोरिंग और नॉर्मलाइजेशन: अगर मल्टीपल शिफ्ट्स/सेशन हैं तो मार्क्स नॉर्मलाइज किए जाते हैं (कठिनाई लेवल के आधार पर)।
- वेटेज असाइनमेंट:
- केवल परीक्षा मार्क्स (जैसे सरकारी जॉब्स में)।
- परीक्षा + इंटरव्यू/GD (UPSC, Banking में)।
- 12वीं मार्क्स + एंट्रेंस स्कोर (कॉलेज एडमिशन में)।
- आरक्षण और कैटेगरी: SC/ST/OBC/EWS/PwD के लिए रिजर्वेशन लागू। अलग-अलग कैटेगरी में मेरिट लिस्ट बनती है।
- टाई ब्रेकर रूल्स: अगर मार्क्स बराबर तो आयु, सब्जेक्ट मार्क्स या अल्फाबेटिकल ऑर्डर से रैंक तय।
- फाइनल लिस्ट तैयार: हाईएस्ट स्कोर वाले टॉप पर। कटऑफ मार्क्स के ऊपर वाले सिलेक्ट।
- पब्लिश: ऑफिशियल वेबसाइट पर PDF में जारी।
उदाहरण से समझें
- कॉलेज एडमिशन (CUET, State Universities): 12वीं मार्क्स + एंट्रेंस स्कोर का वेटेज (जैसे 50-50%)। कैटेगरी वाइज लिस्ट।
- SSC/Railway: Tier 1 + Tier 2 मार्क्स के आधार पर नॉर्मलाइज्ड स्कोर। पोस्ट और कैटेगरी के अनुसार अलग लिस्ट।
- UPSC CSE: प्रीलिम्स (क्वालीफाइंग), मेन्स + इंटरव्यू के टोटल मार्क्स पर फाइनल मेरिट।
- NEET: NTA स्कोर + टाई ब्रेकर (बायोलॉजी > केमिस्ट्री > फिजिक्स मार्क्स, फिर आयु)।
मेरिट लिस्ट में नाम आने के टिप्स
- हाई स्कोर लक्ष्य रखें।
- आरक्षण का लाभ समझें (सर्टिफिकेट तैयार रखें)।
- टाई ब्रेकर रूल्स पढ़ें।
- रिजल्ट के बाद कटऑफ चेक करें।
निष्कर्ष
मेरिट लिस्ट मार्क्स, वेटेज, आरक्षण और टाई ब्रेकर के आधार पर निष्पक्ष तरीके से तैयार की जाती है। यह सिलेक्शन की पारदर्शी प्रक्रिया है। अपनी परीक्षा के ऑफिशियल नोटिफिकेशन में मेरिट क्राइटेरिया जरूर पढ़ें।

